Sunday, January 31, 2021

My Passion - My Poetry

 


गुलदस्ता

हम फूल हैं उस गुलदस्ते के,

जिसकी है हिमालय  शान ।

गंगा यमुना के निर्मल जल से,

पावन है यह देश महान।।१।।


हम फूल हैं उस गुलदस्ते के,

जिसमे अहिंसा की ध्वनि गूंजे ।

सत्य, प्रेम व भाईचारे का,

 संगम है यह पावन स्थान ।।२।।


हम फूल हैं उस गुलदस्ते के,

जिसकी चारो  दिशाएँ  करे सम्मान ।

जिसकी शीतल छाया में,

सब लोग करे इसकी गुणगान ।।३ ।।


हम फूल हैं उस गुलदस्ते के,

जिसमे  ज्ञान  का है अपार भंडार 

वीरो की जनानी है यह,

अमरता की है असीम मिसाल ।।४।।


-       - यमुना सुधीर

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